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Tuesday, 5 July 2016

यूपी में कक्षा 8 तक के 1.60 करोड़ बच्चों को सरकार देगी बैग

Ragini Srivastav     08:19:00  No comments

यूपी में कक्षा 8 तक के 1.60 करोड़ बच्चों को सरकार देगी बैग

    

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल के छात्र-छात्राओं को सरकार पहली बार मुफ्त स्कूल बैग भी बांटेगी। यूपी देश का तीसरा राज्य होगा, जहां मुफ्त बैग वितरित किए जाएंगे। इससे पहले सिर्फ उड़ीसा और तमिलनाडु में ही इससे पहले मुफ्त स्कूल बैग वितरित किए गए हैं।

सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों के तकरीबन 1.60 करोड़ बच्चों को मुफ्त बैग दिए जाने की तैयारी है। सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक बैग पर 120 से 130 रुपए के खर्च का अनुमान है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपए का बजट एलॉट किया है। इस संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों की लखनऊ में दो-तीन बैठकें भी हो चुकी हैं। फिलहाल टेंडर के दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। सपा सरकार का यह कदम उन लाखों बच्चों के लिए बड़ा तोहफा होगा जो पॉलीथिन या हाथ से बने झोले में कॉपी-किताबें लेकर स्कूल जाते हैं। 

शिक्षक, अभिभावक, बच्चों को रिझाने की कोशिश
चुनावी साल में शिक्षकों, अभिभावकों और बच्चों को रिझाने में समाजवादी पार्टी सरकार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। 2015 जुलाई में बच्चों के लिए नि:शुल्क दूध वितरण की शुरुआत करने वाली सरकार ने सोमवार से ही मिड-डे-मील के साथ फल वितरण भी शुरू किया है। तीन साल बाद शिक्षकों के लिए अंतर जनपदीय तबादले के ऑनलाइन आवेदन मंगलवार से शुरू हो गए हैं। 

Monday, 4 July 2016

यूपी में अंतर जनपदीय तबादले के लिए आज से करें आवेदन

Ragini Srivastav     18:15:00  No comments

यूपी में अंतर जनपदीय तबादले के लिए आज से करें आवेदन

    

तीन वर्षों के इंतजार के बाद मंगलवार से शिक्षकों के अंतर जनपदीय तबादले के लिए आवेदन लिए जाएंगे। यह दोपहर बाद से वेबसाइट (www.upbasiceduboard.gov.in) पर खोली जाएगी। वर्ष 2013 के बाद से एक जिले से दूसरे जिलों में तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षक 15 जुलाई शाम पांच बजे तक ही आवेदन कर सकेंगे।

ढाई लाख से ज्यादा शिक्षक बाहर
इन तबादलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक, 29,334 जूनियर शिक्षक भर्ती, 15 हजार शिक्षक भर्ती समेत 1.30 हजार शिक्षामित्रों को भी मौका नहीं दिया जा रहा है। दरअसल, एक से दूसरे जिले में तबादला तभी हो पाएगा जब शिक्षक तीन वर्षों की सेवा पूरी कर चुके हों। तीन वर्षों की सेवा का आकलन 31 मार्च, 2016 से होगा।

पांच जिलों का विकल्प रखें तैयार
केवल ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। हर आवेदक को पांच जिलों का विकल्प देना होगा। जिन जिलों में रिक्तियां नहीं होंगी वहां तबादले नहीं होंगे। मसलन लखनऊ, कानपुर नगर, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़ और बागपत में ज्यादा शिक्षक हैं। इन जिलों में तबादला होना मुश्किल होगा। यह तभी संभव होगा जब वहां तैनात शिक्षक तबादला लेंगे।

जरूरी सूचनाएं पहले करें इकट्ठा
नियुक्ति, पदोन्नति, वेतन खाता संख्या व पैन संख्या समेत सेवा संबंधी सभी जरूरी जानकारियां अपने साथ रखें, क्योंकि आवेदन करते समय इनकी जरूरत पड़ेगी। गलत सूचना भरने पर आवेदन स्वीकार नहीं होगा। एक अध्यापक को केवल एक ही आवेदन करना होगा। आवेदन करने से पहले वेबसाइट पर मौजूद संबंधित दिशा-निर्देश ध्यान से पढ़ें और इसके बाद ही आवेदन करें।

शहर व नगर क्षेत्र में परिवर्तन नहीं हो सकेगा। वहीं तबादला लेने पर शिक्षक उस जिले में सबसे जूनियर हो जाएगा यानी उसे ज्येष्ठता क्रम में सबसे नीचे रखा जाएगा।

बढ़ाएगा बोझ, पहले ही 56 हजार करोड़ हो रहा है खर्च

Ragini Srivastav     18:08:00  No comments

बढ़ाएगा बोझ, पहले ही 56 हजार करोड़ हो रहा है खर्च

वेतन आयोगों की सिफारिशें और उनको लेकर कर्मचारियों की शिकायतों के अपने तर्क हैं। पर, सूबे की राजकोषीय व्यवस्था का आकलन करें तो सरकार के कुल खर्च का एक तिहाई से ज्यादा हिस्सा कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और पेंशन में ही खप जाता है। यह हिस्सेदारी दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है।

ऐसा तब है जब सरकारी महकमों में बड़े पैमाने पर पद खाली हैं। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को यदि प्रदेश सरकार लागू करे तो सालाना 23 हजार करोड़ रुपये का बोझ बढ़ने की संभावना है।

प्रदेश में 21 लाख से ज्यादा कर्मचारी और पेंशनर हैं। इनमें शिक्षक व सहायता प्राप्त संस्थाओं के कर्मी भी शामिल हैं। वित्त वर्ष 2016-17 के बजट प्रस्तावों को देखें तो सूबे की कमाई की तुलना में खर्च दोगुना तक पहुंच गया है।

वर्तमान में वेतन, पेंशन और भत्ते पर कुल राजस्व खर्च का करीब 34.1 फीसदी खर्च हो रहा है। इसमें सरकारी कर्मचारियों के वेतन व भत्तों पर कुल राजस्व खर्च का 13.1 फीसदी तथा सहायता प्राप्त संस्थाओं के वेतन-भत्ते पर 13 फीसदी खर्च होने का आकलन किया गया है। पेंशन में कुल खर्च का 8.3 फीसदी जाता है।

Saturday, 2 July 2016

चरित्र की जाँच से नहीं रुकेगा नियुक्ति पत्र

Ragini Srivastav     05:10:00  No comments

Friday, 1 July 2016

भर्ती विवाद से पहले ही तय कर लिए वकील

Ragini Srivastav     20:03:00  No comments

भर्ती विवाद से पहले ही तय कर लिए वकील

   

सरकारी शिक्षक के लिए लगभग सभी भर्तियों में हो रही कानूनी अड़चनों ने बेरोजगारों को इस कदर डरा दिया है कि फार्म भरने से पहले वे वकीलों को इस बात के लिए पेशगी पहुंचा रहे है कि उनकी नौकरी में कोई अड़ंगा न हो। ताजा मामला गुरुवार से शुरू हुई सरकारी प्राथमिक स्कूलों में 16448 सहायक अध्यापकों की भर्ती से जुड़ा है।
भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन गुरुवार से शुरू होने से पहले बीटीसी 2011 बैच के अभ्यर्थियों ने सर्विस मैटर के एक मशहूर वकील को पेशगी के तौर पर 70 हजार रुपए पहुंचा दिए है। सात लाख रुपए में डील इस बात पर तय है कि वकील साहब इस भर्ती से कानूनी अड़चनों को दूर रखेंगे ताकि 2011  बैच के बेरोजगारों को समय से नियुक्ति पत्र मिल सके।
दरअसल 16,448 शिक्षक भर्ती में बीटीसी 2013 बैच के अभ्यर्थी शामिल होना चाहते हैं। 2013 बैच के अभ्यर्थियों की एकेडमिक मेरिट 2011, 2012 या इससे पुराने बैच के बीटीसी टीईटी पास बेरोजगारों से अधिक है। यदि 2013 बैच के अभ्यर्थी इस भर्ती में शामिल हो गए तो पुराने बैच के बेरोजगारों की सरकारी टीचरी का सपना टूट सकता है। ये बेरोजगार जानते हैं कि एक बार नौकरी की रेस में पिछड़े तो दोबारा मौका मिलना मुश्किल है कि क्योंकि जितनी तेजी से बीटीसी कॉलेजों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है वैसे ही बीटीसी प्रशिक्षुओं की लाइन बढ़ रही है। एक समय बीटीसी में दाखिला जहां सरकारी टीचरी की गारंटी मानी जाती थीं वहीं आने वाले समय में बीटीसी डिग्रीधारी भी बीएड वालों की तरह भटकते नजर आएंगे।

भर्ती शेड्यूल
बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 16,448 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन गुरुवार दोपहर से शुरू हो गए। आवेदन    www.upbasiceduparishad.gov.in  पर 11 जुलाई की शाम पांच बजे तक किए जा सकेंगे। ई चालान से फीस 13 जुलाई तक जमा होगी और 15 जुलाई की शाम पांच बजे तक फार्म अंतिम रूप से जमा होंगे। 19 जुलाई से 20 जुलाई की शाम पांच बजे तक फार्म में त्रुटि सुधार का मौका मिलेगा।

कानूनी अड़चनों में फंसी ये भर्तियां
शिक्षामित्र का समायोजन: बगैर टीईटी लगभग 1.34 लाख शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित करने का मसला सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है। कुल तकरीबन 1.71 लाख शिक्षामित्र हैं। 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक: 30 नवम्बर 2011 को शुरू हुई के विवाद सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है्रं। इसमें 60 हजार से अधिक की नियुक्ति हो चुकी।

29,334 विज्ञान व गणित शिक्षक: उच्च प्राथमिक स्कूलों की सीधी भर्ती 11 जुलाई को 2013 को शुरू हुई। अब तक 25 हजार पद भरे जा चुके हैं और मामला अभी विचाराधीन है। 15,000 शिक्षक भर्ती: 12 नवम्बर 2014 को शुरू हुई भर्ती का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और मंगलवार को ही हाईकोर्ट ने नियुक्ति पत्र रोक लगाई है।

Thursday, 30 June 2016

स्कालरशिप और फेलोशिप के लिए जरूरी हुआ आधार कार्ड

Ragini Srivastav     22:01:00  No comments

स्कालरशिप और फेलोशिप के लिए जरूरी हुआ आधार कार्ड

देश के विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा हासिल करने वाले छात्र और शिक्षक आधार कार्ड नहीं है तो बनवा लें। नए सत्र (2016-17) से अनुदान, स्कालरशिप एवं फेलोशिप हासिल करने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है।

अब अनुदान, स्कालरशिप एवं फेलोशिप आदि सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजा जाएगा। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश पर विश्व विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एएमयू समेत तमाम विश्वविद्यालयों के कुलपति को इससे संबंधित निर्देश भेज दिया है।

यूजीसी सचिव प्रो. जसपाल एस संधू ने एएमयू समेत सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों को पत्र लिखकर इससे संबंधित सूचना यूनिवर्सिटी वेबसाइट पर डालने के साथ ही उसकी कॉपी यूजीसी की डिप्टी सेक्रेटरी (सलेक्शन एंड अवार्ड) डॉ. सुनीता सिवाच को ई-मेल करने का निर्देश दिया है।

यदि किसी लाभार्थी के पास आधार कार्ड नहीं है, उसे तत्काल यूनिक आइडेनटिफिकेशन ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के रीजनल आफिस में पंजीयन कराने का निर्देश दिया है।

पेंशन बढ़ोतरी में आठ फीसदी का नुकसान

Ragini Srivastav     16:26:00  No comments

पेंशन बढ़ोतरी में आठ फीसदी का नुकसान

सातवां वेतन आयोग केंद्रीय पेंशनरों के लिए उतना फायदेमंद नहीं रहा, जितना छठवां वेतन आयोग था। छठवें वेतन आयोग में पेंशन में 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी जबकि अबकी यह वृद्धि 32 फीसदी तक ही सीमित रह गई। कहने को 125 फीसदी डीए मूल पेंशन में मर्ज कर दिया जाएगा लेकिन इसमें भी पेंशनरों को विशेष लाभ नहीं होने वाला। अबकी डीए गणना के फार्मूले में संशोधन कर दिया गया है, सो पहले के मुकाबले डीए बढ़ोतरी अब आधी होगी।

वतर्मान में केंद्रीय पेंशनरों को 125 फीसदी डीए समेत मूल पेंशन का 2.25 कनवर्जन फैक्टर के तहत कुल पेंशन का भुगतान हो रहा है। उदाहरण के तौर पर किसी का मूल पेंशन 10 हजार है तो उसमें कनवर्जन फैक्टर 2.25 का गुणा करने पर उसे कुल पेंशन 22 हजार 500 रुपये मिल रही है। सातवें वेतन आयोग में कनवर्जन फैक्टर 2.57 कर दिया गया है। यानी अब 25 हजार 700 रुपये पेंशन मिलेगी। ऐसे में कुल पेंशन में 3200 रुपये की वृद्धि होगी। पेंशनर को 3200 रुपये का लाभ मिलेगा। यदि कनवर्जन फैक्टर बढ़ाकर 2.65 किया गया होता तो कुल पेंशन पिछली बार के बराबर 26 हजार 500 रुपये हो जाती यानी चार हजार रुपये (मूल पेंशन में 40 फीसदी) बढ़ोतरी का लाभ मिलता। 

छठवें वेतन आयोग के मुकाबले सातवें वेतन आयोग में कनवर्जन फैक्टर में 0.32 की कमी आ जाने से पेंशनरों को आठ फीसदी का नुकसान हुआ है। आल इंडिया ऑडिट एंड एकाउंट एसोसिएशन के पूर्व सहायक महासचिव एवं सिविल एकाउंट्स ब्रदरहुड के पूर्व अध्यक्ष हरिशंकर तिवारी का कहना है कि 125 फीसडी डीए जनवरी-2016 से मूल पेंशन में मर्ज हो जाएगा और डीए शून्य मान लिया जाएगा। इसके बाद पूरी पेंशन को मूल पेंशन मानते हुए उस पर डीए वृद्धि का लाभ दिया जाएगा लेकिन इससे पेंशनरों को विशेष लाभ नहीं होगा। दरअसल, डीए गणना के फार्मूले में संशोधन के बाद बढ़ोतरी दर कम हो जाएगी। उदाहरण के तौर पर पहले छह फीसदी डीए मिलता था तो अब दो या तीन फीसदी बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। ऐसे में धनराशि में खास फायदा नहीं होगा। 

वर्तमान में आपको जितनी मूल पेंशन मिल रही है, उसमें कनवर्जन फैक्टर 2.57 से गुणा कर दें। प्राप्त परिणाम ही कुल पेंशन होगी। अगर आपने पेंशन सारांशीकरण करा रखा है तो उस राशि को कुल पेंशन से घटा दें और जो परिणाम सामने आएगा, वह धनराशि पेंशन के रूप में आपके हाथ आएगी।

पेंशन बढ़ोतरी में आठ फीसदी का नुकसान

Ragini Srivastav     16:26:00  No comments

पेंशन बढ़ोतरी में आठ फीसदी का नुकसान

सातवां वेतन आयोग केंद्रीय पेंशनरों के लिए उतना फायदेमंद नहीं रहा, जितना छठवां वेतन आयोग था। छठवें वेतन आयोग में पेंशन में 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी जबकि अबकी यह वृद्धि 32 फीसदी तक ही सीमित रह गई। कहने को 125 फीसदी डीए मूल पेंशन में मर्ज कर दिया जाएगा लेकिन इसमें भी पेंशनरों को विशेष लाभ नहीं होने वाला। अबकी डीए गणना के फार्मूले में संशोधन कर दिया गया है, सो पहले के मुकाबले डीए बढ़ोतरी अब आधी होगी।

वतर्मान में केंद्रीय पेंशनरों को 125 फीसदी डीए समेत मूल पेंशन का 2.25 कनवर्जन फैक्टर के तहत कुल पेंशन का भुगतान हो रहा है। उदाहरण के तौर पर किसी का मूल पेंशन 10 हजार है तो उसमें कनवर्जन फैक्टर 2.25 का गुणा करने पर उसे कुल पेंशन 22 हजार 500 रुपये मिल रही है। सातवें वेतन आयोग में कनवर्जन फैक्टर 2.57 कर दिया गया है। यानी अब 25 हजार 700 रुपये पेंशन मिलेगी। ऐसे में कुल पेंशन में 3200 रुपये की वृद्धि होगी। पेंशनर को 3200 रुपये का लाभ मिलेगा। यदि कनवर्जन फैक्टर बढ़ाकर 2.65 किया गया होता तो कुल पेंशन पिछली बार के बराबर 26 हजार 500 रुपये हो जाती यानी चार हजार रुपये (मूल पेंशन में 40 फीसदी) बढ़ोतरी का लाभ मिलता। 

छठवें वेतन आयोग के मुकाबले सातवें वेतन आयोग में कनवर्जन फैक्टर में 0.32 की कमी आ जाने से पेंशनरों को आठ फीसदी का नुकसान हुआ है। आल इंडिया ऑडिट एंड एकाउंट एसोसिएशन के पूर्व सहायक महासचिव एवं सिविल एकाउंट्स ब्रदरहुड के पूर्व अध्यक्ष हरिशंकर तिवारी का कहना है कि 125 फीसडी डीए जनवरी-2016 से मूल पेंशन में मर्ज हो जाएगा और डीए शून्य मान लिया जाएगा। इसके बाद पूरी पेंशन को मूल पेंशन मानते हुए उस पर डीए वृद्धि का लाभ दिया जाएगा लेकिन इससे पेंशनरों को विशेष लाभ नहीं होगा। दरअसल, डीए गणना के फार्मूले में संशोधन के बाद बढ़ोतरी दर कम हो जाएगी। उदाहरण के तौर पर पहले छह फीसदी डीए मिलता था तो अब दो या तीन फीसदी बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। ऐसे में धनराशि में खास फायदा नहीं होगा। 

वर्तमान में आपको जितनी मूल पेंशन मिल रही है, उसमें कनवर्जन फैक्टर 2.57 से गुणा कर दें। प्राप्त परिणाम ही कुल पेंशन होगी। अगर आपने पेंशन सारांशीकरण करा रखा है तो उस राशि को कुल पेंशन से घटा दें और जो परिणाम सामने आएगा, वह धनराशि पेंशन के रूप में आपके हाथ आएगी।

वेतन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन, वित्त मंत्री का पुतला फूंका

Ragini Srivastav     16:22:00  No comments

वेतन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन, वित्त मंत्री का पुतला फूंका

सातवां वेतन आयोग लागू किए जाने की घोषणा के बाद भी कर्मचारियों का विरोध जारी है। आयकर, सीडीए पेंशन समेत तमाम विभागों के कर्मचारियों ने 11 जुलाई से प्रस्तावित बेमियादी हड़ताल को अपने समर्थन का एलान किया है। वहीं, राज्यकर्मियों ने भी वेतन आयोग की विसंगतियों के खिलाफ प्रस्तावित हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की है। इस मुद्दे पर बृहस्पतिवार को आयकर विभाग, विकास भवन मेें प्रदर्शन हुआ तो पीडब्ल्यूडी में वित्त मंत्री का पुतला फूंका गया। 

नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन के बैनर तले आयकर कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर वेतन आयोग की संस्तुतियों के विरोध में बृहस्पतिवार को जेसीए के सभी सदस्यों ने भोजनावकाश में इलाहाबाद मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा में शाखा सचिव नंदन कुमार सोनकर हड़ताल को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार ने न सिर्फ न्यूनतम मजदूरी की मांग को ठुकराया, बल्कि अन्य अनिवार्य भत्तों में भी कटौती कर दी।

प्रदर्शन में आयकर कर्मचारी महासंघ के संयुक्त सचिव मकरध्वज मौर्य, कोषाध्यक्ष विनोद कुमार, जोनल सचिव लाल बहादुर यादव समेत योगेश्वर राय, अंजन चटर्जी, श्रीनाथ, लालता प्रसाद, यशवंत कुमार, नीरज पांडेय, कुलदीप गुप्ता आदि शामिल रहे। वहीं, अखिल भारतीय रक्षा लेखा कर्मचारी संघ के बैनर तले अध्यक्ष केके चौधरी के नेतृत्व में हुई बैठक में सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों की भर्त्सना की गई और प्रस्तावित बेमियादी हड़ताल को समर्थन देने की घोषणा की गई। बैठक में अनुराग शुक्ला, संतोष शुक्ला, अजय मालवीय, मुकेश पाल, पवन गुप्ता आदि शामिल रहे।

उधर, विकास भवन कर्मचारी महासंघ के बैनर तले विकास भवन परिसर में सातवें वेतन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन और बैठक की गई। महासंघ के अध्यक्ष नरसिंह के नेतृत्व में हुई बैठक में तय हुआ कि प्रस्तावित बेमियादी हड़ताल में राज्य कर्मचारी भी बढ़चढ़कर हिस्सा लेंगे। बैठक एवं प्रदर्शन में नन्हकू राम यादव, राम चंद्र, सैयद मकसूद अब्बास रिजवी, शैलेंद्र तिवारी, कमल कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। पीडब्ल्यूडी में सातवें वेतन आयोग के खिलाफ वित्त मंत्री का पुतला फूंका गया और हड़ताल की घोषणा की गई। इस दौरान अरुण पांडेय, श्याम सूरत पांडेय, बसंत त्रिपाठी, वीरेंद्र पाल, सतीश पुरी आदि मौजूद रहे। वहीं, पीडब्ल्यूडी में हुई राज्य कर्मचारी महासंघ की बैठक मेकं जिलाध्यक्ष नागेश्वर गिरि समेत अश्विनी श्रीवास्तव, रिशंकर ओझा, सुदामा शर्मा आदि ने सातवें वेतन आयोग की निंदा की। 

वेतन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन, वित्त मंत्री का पुतला फूंका

Ragini Srivastav     16:22:00  No comments

वेतन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन, वित्त मंत्री का पुतला फूंका

सातवां वेतन आयोग लागू किए जाने की घोषणा के बाद भी कर्मचारियों का विरोध जारी है। आयकर, सीडीए पेंशन समेत तमाम विभागों के कर्मचारियों ने 11 जुलाई से प्रस्तावित बेमियादी हड़ताल को अपने समर्थन का एलान किया है। वहीं, राज्यकर्मियों ने भी वेतन आयोग की विसंगतियों के खिलाफ प्रस्तावित हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की है। इस मुद्दे पर बृहस्पतिवार को आयकर विभाग, विकास भवन मेें प्रदर्शन हुआ तो पीडब्ल्यूडी में वित्त मंत्री का पुतला फूंका गया। 

नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन के बैनर तले आयकर कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर वेतन आयोग की संस्तुतियों के विरोध में बृहस्पतिवार को जेसीए के सभी सदस्यों ने भोजनावकाश में इलाहाबाद मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा में शाखा सचिव नंदन कुमार सोनकर हड़ताल को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार ने न सिर्फ न्यूनतम मजदूरी की मांग को ठुकराया, बल्कि अन्य अनिवार्य भत्तों में भी कटौती कर दी।

प्रदर्शन में आयकर कर्मचारी महासंघ के संयुक्त सचिव मकरध्वज मौर्य, कोषाध्यक्ष विनोद कुमार, जोनल सचिव लाल बहादुर यादव समेत योगेश्वर राय, अंजन चटर्जी, श्रीनाथ, लालता प्रसाद, यशवंत कुमार, नीरज पांडेय, कुलदीप गुप्ता आदि शामिल रहे। वहीं, अखिल भारतीय रक्षा लेखा कर्मचारी संघ के बैनर तले अध्यक्ष केके चौधरी के नेतृत्व में हुई बैठक में सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों की भर्त्सना की गई और प्रस्तावित बेमियादी हड़ताल को समर्थन देने की घोषणा की गई। बैठक में अनुराग शुक्ला, संतोष शुक्ला, अजय मालवीय, मुकेश पाल, पवन गुप्ता आदि शामिल रहे।

उधर, विकास भवन कर्मचारी महासंघ के बैनर तले विकास भवन परिसर में सातवें वेतन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन और बैठक की गई। महासंघ के अध्यक्ष नरसिंह के नेतृत्व में हुई बैठक में तय हुआ कि प्रस्तावित बेमियादी हड़ताल में राज्य कर्मचारी भी बढ़चढ़कर हिस्सा लेंगे। बैठक एवं प्रदर्शन में नन्हकू राम यादव, राम चंद्र, सैयद मकसूद अब्बास रिजवी, शैलेंद्र तिवारी, कमल कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। पीडब्ल्यूडी में सातवें वेतन आयोग के खिलाफ वित्त मंत्री का पुतला फूंका गया और हड़ताल की घोषणा की गई। इस दौरान अरुण पांडेय, श्याम सूरत पांडेय, बसंत त्रिपाठी, वीरेंद्र पाल, सतीश पुरी आदि मौजूद रहे। वहीं, पीडब्ल्यूडी में हुई राज्य कर्मचारी महासंघ की बैठक मेकं जिलाध्यक्ष नागेश्वर गिरि समेत अश्विनी श्रीवास्तव, रिशंकर ओझा, सुदामा शर्मा आदि ने सातवें वेतन आयोग की निंदा की। 

यूपी: शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल, 41 अफसरों का तबादला

Ragini Srivastav     15:59:00  No comments

यूपी: शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल, 41 अफसरों का तबादला

शासन ने देर शाम शिक्षा विभाग के 41 अधिकारियों का तबादला कर दिया। इनमें समूह ‘क’ और समूह ‘ख’ के अधिकारी शामिल हैं। इन अधिकारियों को तत्काल नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया है।

नाम--वर्तमान तैनाती--नवीन तैनाती
मुनेश कुमार--वरिष्ठ प्रवक्ता, डायट, मुजफ्फरनगर--डीआईओएस, गौतमबुद्धनगर (प्रभारी)
प्रदीप कु. द्विवेदी--बीएसए, कानपुर नगर--डीआईओएस, मुरादाबाद

पीके मिश्र--एडीआईओएस, मेरठ--डीआईओएस, बागपत
मुन्ने अली--एडी (बेसिक), बरेली--डीआईओएस, बरेली

गजेंद्र कुमार--प्रभारी डीआईओएस, बरेली--उप प्राचार्य, डायट, पीलीभीत
फूलचंद--डीआईओएस, फैजाबाद--डीआईओएस, मिर्जापुर

देवी सहाय तिवारी--डीआईओएस, मिर्जापुर--डीआईओएस, फैजाबाद
भास्कर मिश्र--वरिष्ठ प्रवक्ता, डायट, सारनाथ--प्रभारी डीआईओएस, जौनपुर
गिरधारी लाल--डीआईओएस, जौनपुर--उप प्राचार्य, डायट, बदायूं

जानें कैसे मिलेंगी सांतवें वेतन आयोग में सरकारी कर्मियों को छुट्टियां

Ragini Srivastav     01:23:00  No comments

जानें कैसे मिलेंगी सांतवें वेतन आयोग में सरकारी कर्मियों को छुट्टियां

नई दिल्ली। बुधवार को केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को सांतवें वेतन आयोग की गुड न्यूज दी। करीब एक करोड़ लोगों को इस नए सांतवें वेतन आयोग से फायदा मिलेगा साथ की रिटायर हो चुके कर्मियों को भी सरकार की ओर से फायदा दिया जाएगा। पिछले काफी समय से इस वेतन आयोग को लेकर काफी जद्दोजहद का माहौल था।

खैर अब जबकि यह लागू हो चुका है केंद्रीय कर्मियों ने राहत की सांस ली है। इस वेतन आयोग में कई ऐसी बातें हैं जो काफी राहत वाली हैं जैसे छुट्टियों का सिस्टम, कैसे केंद्रीय कर्मियों को छुट्टियां मिलेंगी वगैरह वगैरह। आइए आज आपको इस वेतन आयोग में शामिल ऐसी ही कुछ खास बातों के बारे में बताते हैं।

सबका पे स्केल अलग अलग

इस वेतन आयोग के साथ ही वर्तमान पे बैंड और ग्रेड को खत्म किया गया। नागरिकों, डिफेंस पर्सनल और मिलिट्री नर्सिंग सर्विस से जुड़े लोगों के लिए अब अलग-अलग पे स्केल होगा।सभी मौजूदा स्तरों का ध्‍यान रखा गया है और सबकी सैलरी अगर बढ़ेगी तो उसमें भी कुछ नियमों का पालन होगा।अब निम्नतम सैलरी प्रति माह 7,000 रुपए से लेकर 18,000 रुपए होगी। नए भर्ती होने क्लास वन ऑफिसर की शुरुआती सैलरी 56,000 रुपए होगी।कई स्तरों पर डीए का जायजा लेने के बाद सरकारी कर्मियों की सैलरी और पेंशन में एक जनवरी 2016 से 14.29 प्रतिशत का इजाफा।सैलरी में इजाफा तीन प्रतिशत की दर से होगा। यह इजाफा कर्मियों की बेसिक पे पर लागू होगा।कैबिनेट ने डिफेंस पे में सुधार किया है। अब इंडेक्स ऑफ रैशनलाइजेश फॉर लेवल 13A ब्रिगेडियर के लिए, लेवल 12A लेफ्टिनेंट कर्नल के लिए और 13 कर्नल के लिए तय किया गया है।इसके बाद आर्मी ऑफिसर की सैलरी को कंबाइंड आर्म्‍ड पुलिस फोर्सेज यानी सीएपीएफ के स्तर पर लाई गई है।डिफेंस सेक्टर में ग्रेच्‍युटी को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दिया गया है। जब कभी भी डीए में 50 प्रतिशत का इजाफा होगा ग्रेच्‍युटी 25% बढ़ जाएगी।

कैसे मिलेंगी छुट्टियां

हास्पिटल लीव, स्पेशल डिसेब्लिटी लीव और सीक लीव को अब एक साथ कर दिया गया है।इस नए सिस्टम को 'वर्क रिलेटेड इलनेस एंड इंजरी' यानी डब्‍ल्‍यूआरआईएल नाम दिया गया है।इस दौरान हास्पिटल में रहने पर कर्मी को पूरी सैलरी और एलाउंस दिए जाएंगे।कैबिनेट ने घर बनवाने के लिए लिए जाने वाले एडवांस को बढ़ाकर 7.50 लाख से 25 लाख तक कर दिया है।सरकार ने चार इंट्रेस्ट फ्री एडवांस की व्यवस्था भी शुरू की है।इसमें मेडिकल ट्रीटममेंट, ट्रांसफर के दौरान ट्रैवेल का खर्च, कर्मी के घर में बीमार व्यक्ति के लिए टीए और एलटीसी को बरकरार रखा गया है।बाकी सारे इंट्रेस्ट फ्री भत्तों की व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है।

Wednesday, 29 June 2016

राज्य सरकार को 7वां वेतन आयोग लगाने के लिए केंद्र के अधिसूचना का इंतजार

Ragini Srivastav     17:30:00  No comments




केंद्रीय कैबिनेट द्वारा सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दिए जाने के बाद यूपी सरकार भी सातवां वेतन देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से प्रदेश के करीब 22 लाख कर्मचारी, शिक्षक और पेंशनरों को लाभ मिलेगा।

अभी तक की जानकारी के अनुसार 18 फीसदी से 24 फीसदी तक का लाभ कर्मचारियों से लेकर पेंशनरों को मिलेगा। सूत्रों के अनुसार यूपी सरकार को सातवें वेतन आयोग को लागू करने के लिए केंद्र सरकार की अधिसूचना जारी होने का इंतजार है। केंद्र की अधिसूचना जारी होते ही यूपी सरकार उच्च स्तरीय कमेटी का गठन करेगी। छठवां वेतन देने गठित की गई कमेटी की तर्ज पर किसी रिटायर आईएएस अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। कमेटी छह माह में रिपोर्ट देगी।

यूपी सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष-2016-17 के वार्षिक बजट में करीब 23 हजार करोड़ का अतिरिक्त प्राविधान सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए ही किया है। सचिव वित्त अजय अग्रवाल का कहना है कि सरकार को सूबे के अधिकारियों और कर्मचारियों को सातवां वेतन देने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। सरकार ने पहले से ही बजट में पर्याप्त अतिरिक्त धनराशि का प्राविधान किया है।

आईएएस, आईपीएस और आईएफएस को तत्काल मिलेगा लाभ 
अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों को केंद्र की अधिसूचना जारी होने के बाद तत्काल बाद यूपी सरकार सातवें वेतन आयोग का लाभ दे देगी। जबकि प्रदेश काडर के अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों को कमेटी की रिपोर्ट के बाद यह लाभ दिया जाएगा।

सातवें वेतन आयोग की निकाली शवयात्रा, होगी हड़ताल

Ragini Srivastav     17:21:00  No comments

सातवें वेतन आयोग की निकाली शवयात्रा, होगी हड़ताल



जासं, इलाहाबाद: केंद्र सरकार के सातवें वेतन आयोग से केंद्रीय कर्मचारी नाखुश हैं। उन्होंने इसे बेहद निराशाजनक करार दिया है। रेल कर्मचारियों के संगठनों ने तो बाकायदा हड़ताल और आंदोलनों का ऐलान कर दिया है। दूसरे विभागों के कर्मचारी भी आयोग की संस्तुतियों से खासे नाराज हैं और आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।

नार्थ सेंट्रल रेलवे इंपलाइज संघ के मंडल मंत्री गोबिंद सिंह ने कहा कि इन सिफारिशों में पुरानी संस्तुति के अलावा कुछ भी नहीं है। इसलिए यह केवल छलावा है। उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल के लिए तैयार रहने को कहा। नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन के महासचिव डॉ. राघवैया ने कहा कि सातवां वेतन आयोग बेहद निराशाजनक है। इसलिए पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 11 जुलाई को सुबह छह बजे से कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।

नार्दन रेलवे मेन्स यूनियन प्रयाग ने तो बाकायदा सातवें वेतन आयोग की अर्थी निकालकर विरोध जताया। साथ ही केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की तीखी आलोचना की। कर्मचारियों ने वित्तमंत्री को कर्मचारी विरोधी करार दिया। इस मौके पर शाखा मंत्री एलए जाफरी समेत अनेक कर्मचारी थे। रेल कर्मचारी संगठनों की तर्ज पर अन्य विभागों के कर्मचारी भी आयोग की सिफारिशों से नाराज हैं। केंद्रीय कर्मचारी संघ समन्वय समिति के इलाहाबाद शाखा अध्यक्ष टीपी मिश्र और महासचिव बजरंग बली गिरि ने कहा कि नवंबर में जो संस्तुति हुई थी उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। कर्मचारियों का हित नहीं देखा गया है। इस आयोग की घोषणा केवल कर्मचारियों का ध्यान बांटने के लिए की गई है। इसलिए कर्मचारी 11 जुलाई से पूर्व निर्धारित हड़ताल पर अडिग हैं।

राज्य कर्मचारी भी खफा, देंगे हड़ताल में साथ

इलाहाबाद : सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट ने जहां केंद्रीय कर्मियों को निराश किया है, वहीं राज्य कर्मचारी भी इससे खासे नाराज हैं। उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष नरसिंह ने कहा कि न्यूनतम वेतन 26000 रुपये से कम स्वीकार्य नहीं है। इसके विरोध में 11 जुलाई को होने वाली केंद्रीय कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल में राज्य कर्मचारी पूरी तरह साथ हैं। राज्य कर्मचारी भी 11 जुलाई से जोरदार हड़ताल करेंगे। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार कर्मचारी विरोधी है। अटल सरकार ने जहां पेंशन बंद की थी, वहीं मोदी सरकार ने यह निराशाजनक आयोग दिया है। कर्मचारी इसका करारा जवाब देंगे। राज्य कर्मचारी महासंघ इलाहाबाद के अध्यक्ष नागेश्वर गिरि ने निराशा जताते हुए कहा कि जब केंद्रीय कर्मचारियों को कुछ नहीं मिला तो जाहिर है राज्य कर्मचारियों को भी नहीं मिलेगा।

सातवें वेतन आयोग पर न राज्य कर्मचारी संतुष्ट न पेंशनरों को खुशी, शिक्षक भी नाराज

Ragini Srivastav     17:02:00  No comments

सातवें वेतन आयोग पर न राज्य कर्मचारी संतुष्ट न पेंशनरों को खुशी, शिक्षक भी नाराज

सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट से न तो राज्य कर्मचारी संतुष्ट हैं और न पेंशनरों को ही खुशी हुई है। शिक्षक संगठनों और निगमों के कर्मचारियों को भी यह रिपोर्ट रास नहीं आई है। कर्मचारी, शिक्षक तथा पेंशनर संगठनों ने केंद्र सरकार पर चालाकी से राज्य कर्मचारियों की जेब पर कैंची चलाने का आरोप लगाया है।

राज्य कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ोतरी का जो फॉर्मूला बनाया गया है, उससे केंद्र सरकार भले ही कर्मचारियों के वेतन में 23.55 प्रतिशत बढ़ोतरी का एलान कर रही हो लेकिन राज्य कर्मचारियों के वेतन में वास्तव में 14.5 प्रतिशत ही बढ़ोतरी होगी क्योंकि उन्हें केंद्रीय कर्मचारियों के समान भत्ते नहीं मिलते हैं। कर्मचारियों व शिक्षकों में पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली न होने से भी निराशा है।
 
वेतन आयोग की रिपोर्ट पर किसी भी श्रेणी या संवर्ग के कर्मचारी संगठन ने खुशी नहीं जताई है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मुताबिक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के वेतन में मात्र 3 से 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है तो तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को 6 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ही लाभ दिया गया है।

अलबत्ता अधिकारियों के वेतन में 25 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी करके उन पर दरियादिली दिखाई गई है। कर्मचारियों की न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये करने की मांग भी नहीं मानी गई।

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